(आवाज) बेटी बचाओ Save Girl Child Poem in Hindi

हम महिलाओं के हक की बात करते हैं, उनके काली स्वरूप की बात करते हें। हम बात करते हैं उनके सृजन करने की क्षमता पर और बात करते हैं उनके बंधन में रहने के बाद भी कैसे आसमान को पूरा नाप लेने की काबिलियत की।

आज भी उनकी हालत में सुधार निम्न कोटि का ही है। आज भी क्या उनकी हालत में पूर्ण रूप से सुधार है? बराबरी का दर्जा है ??? तो फिर क्या यह केवल मिथ्या है ??? हां यह अवश्य हो सकता है और है भी कानून की नजरों में और दस्तावेजों में पर क्या बिना हिपोक्रेसी के हम मान ले की यह पूर्ण रूप से सत्य है तो जवाब होगा नहीं। तो फिर क्या जरूरत है Girls First जैसे अपवाद की और यह सिखाने की कि लड़कियों को इज्जत देना जरूरी है ।


क्या हम एक भी मौका छोड़ते हैं उनको यह याद दिलाने का की तुम एक लड़की हो और तुम्हें ऐसा और यह करना चाहिए।


क्या लड़कों के मामले में भी हम यही सिखाते हैं ? नहीं ना तो अब यही कहना ठीक रहेगा कि अभी सुधार बाकी है। जब हम यह फर्क मिटा देंगे तो इस तर्क का भी फर्क मिट जाएगा और उसके बाद हम फक्र से कह सकते हैं कि हमारा समाज सर्वोत्तम है।।।

(आवाज) Save Girl Child Poem in Hindi


कूतरो मत पंख उनके !

तुम पंख पकड़ा दो अपने भले से !!


आसमान ना कर पाओ नाम उनके !

पर उड़ान भरने तो दो ऊंची खुद से !!


शक्ति को पूजते है साल में दो बार हम !

दिन में दो बोल तो बोल लो बेहतरी के !!


बराबरी की बात तो रही सही !

उनके होने का ही अधिकार दे दो पहले सही से !!


वो नहीं चाहती तुमसे तुम्हारी जमीन में हिस्सा !

तुम इस धरती का ही मान लो कहीं से !!


वूमेंस डे मनाना बाद में तुम !

पहले हियुमन ही मान लो उन्हें सही से !!


वूमेन इमापावरमेंट जैसी चीज ना रहेगी !

तुम अधिकार बराबर करके तो देखो कहीं से !!


कूतरो मत पंख उनके !

तुम पंख पकड़ा दो अपने भले से !!

#savegirlchild #harasmentpoem

पिक्सी पोएट्री के माध्यम से समाज से जुड़े मुद्दों को कविता के माध्यम से उठाने का प्रयास है वो मुद्दे जो आपके सीधे तौर पर जिंदगी से जुड़े होते हैं. समाज आपसे है और इसमें आपका योगदान सर्वोपरि है।


आवाज (Save Girl Child Poem, Poem On Girl Harassment)पर यह कविता पढ़ने के लिए धन्यवाद। कृपया बेझिझक Comment करें और हमारे साथ अपने विचार साझा करें, और इस कविता को Share करना न भूलें।

हमें विश्वास है की हमारे पाठक अपनी स्वरचित रचनाएँ ही पिक्सी पोएट्री पर प्रकाशित करने के लिए भेजते हें। यह रचना भी हमारे सम्मानित पाठक द्वारा स्वरचित है। अपनी स्वरचित रचनाओं को भेजने के लिए यहाँ क्लिक करें

Don't forget to Subscribe to Poetry of the Day, so that you don't miss our upcoming updates.



You May Like

1/5

Subscribe For Poem of The Week!

Recive a new poem on your inbox weekly. Sign Up Now !

New to Pixiepoetry?

Login now to explore poetry just for you!

Subscribe For Poetry of The Day

FOLLOW US

Attention! This function is not allowed here © Pixie Poetry™ All right reserved DMCA Protected
  • Facebook
  • Twitter
  • Instagram
  • Pinterest
  • LinkedIn

© 2020 Pixie Poetry All Right Reserved of Respective Authors  DMCA  Protected