हम वक्त की बात करें तो इस पर बहस काफी अच्छी हो सकती है इसकी अपनी महत्वता, इसकी कमी से होने वाले दुष्परिणाम और इस की कद्र ना करने पर होने वाले नफा नुकसान को इस कविता में मेने दर्शाने का प्रयत्न किया है !!!

"वक़्त" Waqt Poetry In Hindi


वक्त वक़्त के है हाथ और पैर भी है वक्त के,, गर मृदु है पंख तो औजार भी है शख्त से !! बैठ कर बेताल सा नाच रहा सर पे तेरे,, ना सहचर ये तेरा ना हो सका संग मेरे !! ये उड़ रहा इस पल यहां,, ये दौड़ रहा उस पल वहां !! कभी रफ्तार में ,, तो कभी शून्यता है चाल में !!! कुछ नहीं बस कुछ नहीं बुन रहा कोई जाल ये !!! साख है गर पाख सी,, सब में है बदनाम भी !! वक़्त के है हाथ और पैर भी है वक्त के ,, गर मृदु है पंख तो औजार भी है शख्त से।। - Riya Negi

#waqtpoetry #timepoems

कविता का सारांश

  • प्रथम पंक्ति में वक़्त को मनुष्य की अभिव्यक्ति दी गई है हमारी सामान्य भाषा में वक्त के विषय में बात करते हुए हम कई बार उसके हमारे हाथों से निकल जाने और उसके चले जाने की बात करते हैं इसी बात का जिक्र प्रथम पंक्ति में हुआ है।।

  • द्वितीय पंक्ति एक ही समय में वक़्त के मृदु और सख्त दोनों बन जाने की व्याख्या की गई है।

  • तृतीय और चतुर्थ पंक्तियों में बताया गया है कि किस प्रकार मनुष्य के भीतर वक्त का उसके हाथ से चले जाने का भय बना रहता है और वो किसी के साथ होने पर भी किसी का साथी नहीं बन पाता।

  • पंचम व षष्ठी पंक्ति में वक्त की अस्थिरता को दर्शाया गया है।।

  • सप्तम व अष्टम पंक्ति वक्त अच्छे दिनों में ये कैसे तेंदुए से भी तेज दौड़ता हुआ प्रतीत होता है और बुरी परिस्थितियों में इसकी चाल कछुए से भी धीमी और मंद प्रतीत होती है इस बात की अगुवाई करते हैं।

  • नवम पंक्ति में वक़्त की तुलना एक मकड़ी से की गई है क्योंकि अपने गति परिवर्तन के कारण ये भ्रामकताओ को जन्म देता है।।

  • दशम व एकादश पंक्ति इस बात की पुष्टि करते है की वक़्त की जिस प्रकार महत्ता है उसके विपरीत उसको सबकी आलोचना का सामना भी करना पड़ता है।।

अगर आपको मेरी यह रचना "वक़्त" (Waqt Poetry In Hindi | Poem On Value Of Time) पसंद आई हो तो इसे Share करना न भूलें। और "वक़्त" आपके लिए क्या अहमियत रखता है, कमेंट मे अपने विचार ज़रूर साझा करें।

हर दिन की कविताओं को अपने अपने ईमेल पर पाने के लिए Poetry of the day को subscribe करें।

3 comments

Most Liked Poems

1/10

Subscribe For Poem of The Week!

Receive a new poem on your inbox weekly. Sign Up Now!

Hindi Poetry

English Poems

Love Poems

Life Poems

Friendship Poems

Women Poems

Rape Poems

Girl Poems

Mere Alfaz

Subscribe For Poetry of The Day

  • Facebook
  • Twitter
  • Instagram
  • Pinterest
  • LinkedIn
Attention! This function is not allowed here © Pixie Poetry™ All right reserved DMCA Protected

© 2020 Pixie Poetry All Right Reserved of Respective Authors